गत माह असम के तीन जिलों में हिंसा का ताण्डव हुआ। सारा देश जानता है कि अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा स्थानीय लोगों की जमीनों का कब्जे तथा जनसांख्यकीय असंतुलन के कारण यह भयावह स्थिति निर्माण हुआ। गत ३०-४० वर्षों में नियोजित रूप से बांग्लादेश से भारत में घुसपैठ जारी है । सरकारी अनुमान के अनुसार भी २ करोड़ से अधिक अवैध घुसपैठी भारत में रह रहे हैं। विशेषज्ञों के निजी अनुमान के साथ ही असम के पूर्व राज्यपाल जनरल सिन्हा द्वारा भारत के राष्ट्रपति को लिखे पत्र में यह कहा गया कि भारत में अवैध बांग्लदेशियों की संख्या ५ करोड़ के निकट है। सभी राज्यों में ये लोग पहुंच चुके हैं। किन्तु असम व पश्चिमी बंगाल के उत्तरी जिलों की स्थिति सर्वाधिक विकट है। जनसंख्या के इस अवांछित दबाव के कारण जहाँ एक ओर आर्थिक संसाधनों पर विपरीत परिणाम हो रहा है वही दूसरी ओर सांस्कृतिक सौहार्द में भी तनाव बढ़ता रहा है। जनगणना…View original post 1,222 more words








